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जीवों के लिए प्यार जगाओ ,जल में ना प्रदूषण बढाओ |

    “जीवों के लिए प्यार जगाओ ,जल में ना प्रदूषण बढाओ |
    जलीय जीव भी हैं सजीव,जीते जी उन्हें ना निर्जीव बनाओ” ||

    सनसिटी विद्यालय में हिंदी भाषा को और अधिक मुखर तथा मिलनसार बनाने का सफल प्रयास करते हुए 9 अगस्त से 13 अगस्त के बीच भाषा सप्ताह का आयोजन किया गया | कक्षा एक तथा दो के छात्रों नें भारतीय संगीत और सतत विकास लक्ष्य –14 जलीय जीवों की सुरक्षा को अपना विषय बनाते हुए जलीय जीवों पर आधारित कविता गायन तथा नृत्य का शानदार प्रदर्शन किया |

    छात्रों ने मछली,मेंढक और कछुआ आदि जलीय जीवों के आकार की रंगबिरंगी टोपियाँ पहनकर जलीय जीवों की तरह स्वयं को प्रस्तुत किया | इस गतिविधि में उन्होंने आभासी मंच पर सुंदर हाव-भाव तथा लय और ताल के साथ कविता-वाचन करते हुए उनकी अनोखी दुनिया की सैर की | उन्होंनें अपने नृत्य की विभिन्न मुद्राओं जैसे मछली की तरह पंखों से तैरना,मेंढक की तरह उछलना व टर्र –टर्र की आवाज निकालना और कछुए की तरह धीरे-धीरे कार्य को करते हुए अपने लक्ष्य तक पहुँचना सीखा | कविता गायन करते हुए छात्रों का भाषा- प्रवाह आत्मविश्वास से परिपूर्ण था | छात्रों ने सहपाठियों का निरीक्षण (Peer observation) करते हुए एक – दूसरे की रचनात्मक और बौद्धिक क्षमता को बढाया |

    छात्रों ने जल को प्रदूषण रहित तथा जलीय जीवों को बचाने के लिए सभी को प्रेरित किया और उनकी सुरक्षा का प्रण भी लिया

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